सूचना का अधिकार. भारत एक लोकतान्त्रिक देश
है। लोकतान्त्रिक व्यवस्था में आम आदमी ही देश का असली मालिक होता है। इसलिए मालिक
होने के नाते जनता को यह जानने का हक है कि जो सरकार
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| सूचना का अधिकार कानून |
- उसकी सेवा के
लिए बनाई गई है। वह क्या,
कहां और कैसे कर रही है ।
- यह भाग सूचना
अधिकार से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की जानकारी देगा ।
- इस भाग में
आर.टी.आई.अधिनियम के तहत स्वेच्छा से सूचना देने की महत्ता से संबंधित
जानकारी को प्रस्तुत किया गया है ।
- सूचना का
अधिकार अधिनियम 2005
में दिए गए प्रावधानों से आइये बात करें अपने हक़ की ! हम इस
पेज में कुछ आवेदनों के सेम्पल लगा दिए हैं इसे सूचना के अधिकार में दिए गए
प्रावधानों के अनुरूप समयानुसार डाऊनलोड कर लोगों को जागरूक कर सकते हैं । आप
इसे डाऊनलोड कर रिक्त स्थानों को भर कर सूचना की मांग भी कर सकते हैं ।
1 टिप्पणी:
बहुत अच्छा और नई तरह का प्रयास है। श्री घनश्याम वर्मा जी, श्री डा. देवेन्द्र बल्हारा जी को तो मैं भी कोरोनाकाल के समय से जानता हूँ। उन्हे और उनकी सभी टीमों को मैं भी हमेशा सादर नमन, वन्दन करता रहा हूँ। आप सबके परिश्रम और दर्दों को मैं भी समझता हूँ। कि जनता को सच्चाइयाँ बताने के लिए आप सभी लोग कितना संघर्ष कर रहे हैं। ईश्वर आप सबको विजय दे।
रघुवीर श्रीवास्तव (मध्यप्रदेश ) भारत.
(+91-9753219048).
31.10.2025 Friday. 🙏🙏🙏🙏
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